Monday, November 22, 2010
Saturday, November 20, 2010
आजकल भंडा जी ने इस्लाम के खिलाफ प्रोपेगंडा करने में रात दिन एक किया हुआ है ,यह अलग बात कि उन कि महनत आसमान पर थूकने जैसी साबित हो ,उनकी मिसाल उस पागल की सी है जो अपने निहत्ते हाथों से दिवार को गिराना चाहता है ,वैसे यह लाछन कोई पहली बार नहीं हैं ,यह काफी दिनों से चलता आरहा है फिर भी खुदा का फजल है कि यह लोग इस्लाम का इंच बराबर कुछ न बिगड़ सके , कारण यह है कि यह लोग जो कुछ भी कहते है झूट कहते हैं बोहतान लगते हैं ,इलज़ाम त्राशी करते हैं , गालियाँ देते हैं ,फह्वात बकते हैं , सच्ची बात यह है कि मायूस व्यक्ति के पास गलियों के सिवा कुछ भी नहीं होता , जिस तरह की गलियां यह लोग अल्लाह और उसके रसूल को देते हैं ,ऐसी गलियां हम भी देना जानते हैं ,परन्तु कुरआन हमें रोकता हे , पवित्र कुरआन ६ \ १०८ में कहा गया है कि ... लोग अल्लाह को छोड़ कर जिन की पूजा करते हैं उन्हें गलियां मत दो ,,,जहाँ तक झूठे इल्ज़ामात की बात हे , भंडा जी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व् सल्लम को शराबी ,अय्याश ,ओर्तों का रसया जैसे कुशब्दों से नव्वाज्ते हें ,इस पारकर के इल्जामत जब सरासर झूट हों तो महज़ गलियां बन जाते हैं, जो कुछ भंडा जी तर्क में पेश करते हें वह उनका घड़ा मड़ा होता हे और या बे इंतिहा त्रोड़ा मरोड़ा , उन्हों ने अपने एक लेख में शीर्षक दिया हे ,, शराबी रसूल और पियक्कड़ सहाबी ,, सब जानते हें कि इस्लाम में शराब हराम हे अब आप लाख चीखते रहें , शराब को हलाल नहीं कर सकते , परन्तु आप के धर्म में ऐसा नहीं हे , अपने अल्लाह के रसूल को नशेड़ी कहा हे क्या अप साबित कर सकते हें कि वह शिव से ज्यादा नशेड़ी थे ,, हिन्दू भाई जब शिव की कावड लाते हें तो अक्सर यह गाना सुनने में आता हे ,,पि के एक बालटी भांग भोला यूँ मटके ,,,,, शिव और भंग का जो ताल्लुक हे आप उस से इंकार नहीं कर सकते , आपने अय्याशी की बात की हे ,, क्या आप अल्लाह के रसूल को कृष्ण से बड़ा अय्याश साबित कर सकते हें , जो अपनी पत्नी रुकमनी को छोड़ कर पराई औरत राधा के साथ उम्र भर रास लीला मना ते रहे , इस के अलावा कृष्ण के १०८ पत्नियाँ ओर भी थीं ,,, और राधा के साथ उन का प्रेम परसंग तो इतना चला कि रुकमनी गरीब का तो कहीं नाम व् निशाँ भी नहीं जब कि राधा ,रखेल होने बा वजूद पूजी जाती हे , यह हिन्दू धर्म की विडंबना ही हे कि यहाँ अवेध संबंधनों के किरदार भी पूजनीय हें , और जो इन लोगो को समझाने की बात करे वह इन की नज़र में पाकिस्तानी ,गद्दार , और देशदिरोही हे ,,, खुदा इन्हें सदबुद्धि दे ,,,,
Friday, November 5, 2010
इस्लाम की शिक्षा के कारण कई देश बर्बाद हो गए
भंडा जी आदाब
पवित्र कुरान २/२६ में कहा गया है कि इस कुरान के द्वारा बहुत से लोग गुमराही तलाश करते हैं और बहुत से इसी के द्वारा हिदायत पाते हैं ,भंडा जी ने पहला विकल्प चुना हे ,उन्हें कुरान में गुमराही ही गुमराही दिखाई पड़ती हे , असल बात यह हे कि आँखों पर जब हरा चश्मा लगा हो तो सब कुछ हरा ही दिखाई देता है ,वः लिखते है कि इस्लाम की शिक्षा के कारण कई देश बर्बाद हो गए और करोंड़ों लोग मारे गए ,भंडा भाई तुम जो लिखदो ,व्ही इतिहास हो ,एसा नहीं है ,आइए इस सम्बन्ध में आप को कुछ जानकारी दी जाए ,
मुहम्मद साहब के जीवन काल में उनके कुछ आप जैसे शुत्रुओं ने भारी सेना लेकर और दूर दूर से आ आ कर उन पर और उनके साथियों पर मदीने में युध्धात्मक हमले किये हें ,मुहम्मद साहब ऐसे मोकों पर ऐसी जंगी रणनीति अपनाते थे ,जिस से कम से कम इंसानी जानों का नुकसान हो ,जेसे शहर के चारों ओर खंदक खुद्वादेना जिस से शत्रु फोज अन्दर न आ सके ,आदि ,आदि , इस का परिणाम यह हुआ कि आप के पूरे जीवन काल में जितने भी युद्ध हुए ,उन सब में एक हज़ार से भी कम जाने गईं ,असल में आप का इतिहास कमज़ोर हे वर्ना आप ऐसे बातें न करते ,अगर आप इतिहास पढ़ते तो आप को पता चलता कि कई देश कहाँ बर्बाद हुए और करोड़ों लोग कहा मारे गए , परन्तु आप को नहीं पता तो चलिए मैं बताता हूँ ,
यह तो आप को पता ही होगा कि रामायण और महाभारत दोनों युद्ध इतिहास हें , क्या आप जानते हें कि इन युद्धों में कितने योद्धा शरीक थे और उनमें से कितने मारे गए ,शायद नहीं , चलिए मैं बताता हूँ ,केवल महाभारत के युद्ध में अट्ठारह (१८) अक्श्वनी शरीक थी ,ग्यारह (११) कोरों की और सात७ पांडों की,और से और एक अक्श्वनी में ३१८७० रथ सावर २१८७० हाथी सावर ६५६१० घोड़े सवार और १०९३५० पैदल सिपाही होते हें ,
जोड़ लिजीए कितने देशों को बर्बाद किया होगा इस युद्ध ने ,
और अब यह बात कि इस युद्ध में कितने लोग मारे गए .
सुनीए भंडा जी ,महाभारत के अनुसार
यह युद्ध १८ दिन चला था और एक दिन का इंसानी जानों के नुकसान का ओसत सवा नो करोड़ प्रति दिन था ,भीष्म के हाथों से रोजाना 10000आदमी मारे जाते थे ..,,
तो काहिए भंडा जी किसने करोड़ों को मरवाया? ,,हमने या आपने ,,, किसने कई देशों को बर्बाद करवाया ? हमने या आपने ,,,,
पवित्र कुरान २/२६ में कहा गया है कि इस कुरान के द्वारा बहुत से लोग गुमराही तलाश करते हैं और बहुत से इसी के द्वारा हिदायत पाते हैं ,भंडा जी ने पहला विकल्प चुना हे ,उन्हें कुरान में गुमराही ही गुमराही दिखाई पड़ती हे , असल बात यह हे कि आँखों पर जब हरा चश्मा लगा हो तो सब कुछ हरा ही दिखाई देता है ,वः लिखते है कि इस्लाम की शिक्षा के कारण कई देश बर्बाद हो गए और करोंड़ों लोग मारे गए ,भंडा भाई तुम जो लिखदो ,व्ही इतिहास हो ,एसा नहीं है ,आइए इस सम्बन्ध में आप को कुछ जानकारी दी जाए ,
मुहम्मद साहब के जीवन काल में उनके कुछ आप जैसे शुत्रुओं ने भारी सेना लेकर और दूर दूर से आ आ कर उन पर और उनके साथियों पर मदीने में युध्धात्मक हमले किये हें ,मुहम्मद साहब ऐसे मोकों पर ऐसी जंगी रणनीति अपनाते थे ,जिस से कम से कम इंसानी जानों का नुकसान हो ,जेसे शहर के चारों ओर खंदक खुद्वादेना जिस से शत्रु फोज अन्दर न आ सके ,आदि ,आदि , इस का परिणाम यह हुआ कि आप के पूरे जीवन काल में जितने भी युद्ध हुए ,उन सब में एक हज़ार से भी कम जाने गईं ,असल में आप का इतिहास कमज़ोर हे वर्ना आप ऐसे बातें न करते ,अगर आप इतिहास पढ़ते तो आप को पता चलता कि कई देश कहाँ बर्बाद हुए और करोड़ों लोग कहा मारे गए , परन्तु आप को नहीं पता तो चलिए मैं बताता हूँ ,
यह तो आप को पता ही होगा कि रामायण और महाभारत दोनों युद्ध इतिहास हें , क्या आप जानते हें कि इन युद्धों में कितने योद्धा शरीक थे और उनमें से कितने मारे गए ,शायद नहीं , चलिए मैं बताता हूँ ,केवल महाभारत के युद्ध में अट्ठारह (१८) अक्श्वनी शरीक थी ,ग्यारह (११) कोरों की और सात७ पांडों की,और से और एक अक्श्वनी में ३१८७० रथ सावर २१८७० हाथी सावर ६५६१० घोड़े सवार और १०९३५० पैदल सिपाही होते हें ,
जोड़ लिजीए कितने देशों को बर्बाद किया होगा इस युद्ध ने ,
और अब यह बात कि इस युद्ध में कितने लोग मारे गए .
सुनीए भंडा जी ,महाभारत के अनुसार
यह युद्ध १८ दिन चला था और एक दिन का इंसानी जानों के नुकसान का ओसत सवा नो करोड़ प्रति दिन था ,भीष्म के हाथों से रोजाना 10000आदमी मारे जाते थे ..,,
तो काहिए भंडा जी किसने करोड़ों को मरवाया? ,,हमने या आपने ,,, किसने कई देशों को बर्बाद करवाया ? हमने या आपने ,,,,
Wednesday, November 3, 2010
भंडा जी ... यह लो भांडे... और इन्हें शोक से फोड़ो
भंडा जी ... यह लो भांडे... और इन्हें शोक से फोड़ो
यह हैं इनके आदर्श
जो घर से मक्खन चुराए ,नदी में नहाती हुयी महिलाओं के कपडे उठा कर पेड़ पर चढ़ जाए ,वे कपडे मांगें तो कहे पहले बाहर निकलो ,वे हाथों से अपने अशलील अंगों को छुपा कर बाहर
आएं ओर अपने कपडे मांगे तो वह कहे कि पहले हाथ जोड़ कर मुझे नमस्कार करो, एसा व्यक्ति धर्म गुरु केसे हो सकता हे,? ब्रह्मा शिव की शादी में प्रोहित का कार्य करे तो पार्वती का पैर खुल जाए तो बरह्मा उसका सुन्दर पैर देखकर अस्खलित होजा
आएं ओर अपने कपडे मांगे तो वह कहे कि पहले हाथ जोड़ कर मुझे नमस्कार करो, एसा व्यक्ति धर्म गुरु केसे हो सकता हे,? ब्रह्मा शिव की शादी में प्रोहित का कार्य करे तो पार्वती का पैर खुल जाए तो बरह्मा उसका सुन्दर पैर देखकर अस्खलित होजा
,तो वह धर्मए
केसे हो सकता हे, वेद व्यास जंगल से आए ओर कोरों व् पाडुओं की माताओं को गर्भवती कर जाए तो वह धर्म गुरु केसे हो सकता हे ? पवन देवता हनुमान जी , की माता के पास आएं ओर उन्हें देख कर उन पर मोहित होजाएं ,ओर ज़बर दस्ती व्यभिचार कर के उन्हें गर्भवती बनादें तो वह धर्म गुरु केसे हो सकता हे पांच पुरुष एक पतनी रखें ,ओर जुआं खेलें ओर जुवे में पतनी को भी दाँव पर लगाएँ ओर मदिरा का सेवन करे तो वह धर्म गुरु केसे हो सकते हैं ,? ,,, पिता ओर पुत्र एक ही पतनी से सम्भोग करे तो धर्म गुरु केसे हो सकते हैं ? बरह्मा जब अपनी बेटी पर ही मोहित होजाए ओर उस के पीछे भागे ओर अस्खलित होजाए तो धर्मगुरु केसे हो सकता हे ,? मुनि गोतम जानकी अप्सरा को नग्न देख कर अस्खलित होजाएं ओर अपना वीर्य सरकंडों में रख दें जिस से वेद शास्त्र्रों के ज्ञाता गुरु किर्पचारी पैदा हों तो वह धर्मगुरु केसे हो सकता हे ?,,, जब इंद्र गोतम की पत्नी अहल्लिया से व्यभिचार करें तो धर्म गुरु केसे होसकता हे ,,?बरहम ऋषि शिवामित्र मेनका के साथ,,,,,,,? संपर्क ,,,,,,,,,,,करें तो धर्म गुरु केसे हो सकता हे ,?,,,, मित्रा मुनि उर्वशी अप्सरा को देख कर काम वासना से पीड़ित हों ओर अपना वीर्य घड़े में छोड़ दें जिस से म्र्म्गमुनिव्शिष्ट पैदा हों तो वह धर्म
Tuesday, November 2, 2010
राम आदर्श हे या रावन
कुछ लोग अपनी पहचान छुपाकर इस्लाम धर्म पर घटया परहार करते रहते हैं , वैसे तो इनका पर्यास ऐसा ही है जैसे कोई पहाड़ से अपना सर टकराए ,कि, टकराने वाले के हाथ अपना सर ज़ख़्मी करने के सिवा कुछ नहीं आता ,परन्तु यह लोग कितनी घटया मानसिकता के हैं ,इस बात का अंदाज़ा करने के लिए हम ऐसे ही एक महाशय की मिसाल आपको दिखाते हैं ,यह साहब हैं ,भण्डा भोडू ,यह भी कुछ सरासर झूटी बातों के सहारे इस्लाम को बदनाम करना चाहते हें ,आप इनकी मानसिकता देखें कि इन के बलोग पर कुरान के हवाले से एक लेख में यह लिखा हे "वह महाशाली एक सिंहासन पर बैठता है -सूरा अल मोमनीन 33 :116
"इलाह एक ऊंचे सिंहासन पर बैठता है "सूरा -अल मोमिन 40 :१५
ख्याल रहे कि यह जो कुछ इन महाशय ने अपनी और से लिख कर इस पर तुच टिपण्णी की हे यह कही भी पवित्र कुरान में नहीं हे ,और इन्हों ने जो हवाला दिया हे ,अब उसको ध्यान से देखए और भण्डा जी की घटया मानसिकता पर अपना सर धुन्ये, इन्हों ने सूरा अलमोमिनीन की ३३ ,११६ का हवाला दिया हे ,इस सूरा की ३३वी आयत क्या हे उसे देखें ,
"इलाह एक ऊंचे सिंहासन पर बैठता है "सूरा -अल मोमिन 40 :१५
ख्याल रहे कि यह जो कुछ इन महाशय ने अपनी और से लिख कर इस पर तुच टिपण्णी की हे यह कही भी पवित्र कुरान में नहीं हे ,और इन्हों ने जो हवाला दिया हे ,अब उसको ध्यान से देखए और भण्डा जी की घटया मानसिकता पर अपना सर धुन्ये, इन्हों ने सूरा अलमोमिनीन की ३३ ,११६ का हवाला दिया हे ,इस सूरा की ३३वी आयत क्या हे उसे देखें ,
और सरदाराने कोम ने जवाब दिया ,जो कुफ्र करते थे ,और आखरत की मुलाक़ात को झुट्लाते थे ,और हमने उन्हें दुनयावी जिंदगी में खुशहाल कर रखा था ,कि यह तो तुम जैसा ही इन्सान हे (सूरा अल मोमनीन ३३) ,यह तो ३३वी आयत थी अब ११६वी आयत देखें ,
अल्लाह ताला सच्चा बादशाह हे ,उसके सिवा कोई पूजा का हकदार नहीं ,वः बजुर्ग अर्श का मालिक हे , (सूरा अलमुमिनीन ११६ )आगे दूसरी इबारत जो सूरा मोमिन के नाम से इन्हों ने लिखी हे ,वः भी सरासर झूट और सो फीसद बोहतान हे ,अब सवाल यह हे कि जो इंसान इतना बड़ा झूठा हो उसकी बात पर क्या ध्यान दिया जाए ,परन्तु भण्डा जी आप को आप को अगर भांडों का शोक हे तो कभी अपने गरीबां में झाक्ये ,वहन आपको भांडे ही भांडे मिलेंगे आप उन्हें शोक से फोडये , जैसे ,में आप को एक मिसाल से समझाता हूँ ,
राम आदर्श हे या रावन
आप राम को आदर्श कहते हें ,में पूछता हूँ कि राम आदर्श हें या रावन , राम ने रावन की बहिन के नाक कान कटवाए परन्तु जब रावन को मोका मिला तो वः भी सीता के नाक कान काट सकता था ,या सीता के साथ कुछ ओर कर सकता था परन्तु उसने एसा नहीं किया ,वः सीता को इज्ज़त से उठा कर ले गया और वहां भी उसने सीता माता को सम्मान से रखा , और जम राम को मोका मिला तो उन्हों ने रावन कि लंका को जला कर ही दम लिया ,,,जारी
Monday, October 25, 2010
पागलों की कमी नहीं ग़ालिब < > एक ढूँढो हज़ार मिलते हैं
पागलों की कमी नहीं ग़ालिब < > एक ढूँढो हज़ार मिलते हैं
२१ अक्तूबर को 'आज तक 'टी वी चैनल ने एक अजीबोगरीब चीज़ दिखाई , एक साधू बाबा का दावा है की उनके पेट मैं छ महीने का बच्चा है , और वह प्र्ग्नेंट हैं ,उनका दावा है की वः तीन महीने बाद एक बच्चे को जन्म देंगें ,खास बात यह हे कि टीवी वालों ने बाबा के पेट की मेडिकल जाँच कराइ तो उस में कुछ न था परन्तु बाबा फिर भी पूरे धड़ल्ले से कह रहे थे की वः पेट से हें ,और उनके पेट में छ महीने का शिशु है जो मेडिकल मशीनों की पकड़ में नहीं आसकता,टीवी वालों ने डाक्टरों को बुलाया और महाराज को और डाक्टरों को आमने सामने बिठाकर इस विषय पर चर्चा की ,डाक्टरों का कहना था की बाबा जो कुछ कह रहे हैं वह एक असंभव ,और निराधार बात हे , ऐसा होना मुमकिन ही नहीं परन्तु बाबा बराबर यह दावा किये जा रहे थे कि ,नहीं , वह हमल से हैं , डाक्टरों का कहना था कि बाबा के बेत पर चर्बी बढ़ी हुई हे ,जिस कारन उनका पेट बड़ा दिख रहा हे ,तो दूसरी ओर बाबा का कहना था कि उनको गर्भवती महिला जैसा दर्द भी महसूस होता ,गर्भवती महिला कि भांति ही जी मत्लाता हे , और वह सोपर्तिशत गर्भवती हें ,जो तीन महीने बाद मन बन जाएगें ,और जिस बच्चे को वह जन्म देंगें ,वह अवतार होगा ,यहाँ आकर बाबा के दावे कि गिरः खुलती हे ,आज कल हिन्दू धर्म गरुओं के सर पर चमत्कारों का बड़ा भूत सवार हे ,यह लोग झूठे चमत्कार दिखाकर आम जनता को ठगते हैं ,'आज तक 'ने कई बार इस्तिंग आपरेशन करने ऐसे बाबाओं को नग्गा कर लिया हे ,परन्तु इन बाबाओं को शर्म नहीं आती , इस लिए आम आदमी को इन से होश्यार रहने कि जरूरत है ,
Wednesday, October 20, 2010
इक़बाल का कलाम एक शायर की लफ्फाजी हे
अनवर जमाल जी
आप के ब्लोग पर आपका लेख अल्लामा इकबाल की नज़्म के हवाले से पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ ,ठीक हे की सर इक़बाल ने राम को इमाम ए हिंद कहा हे ,ग़ालिब अगर शराब की तारीफ करे तो शराब कोई अच्छी चीज़ नहीं बन जा एगी , इक़बाल का कलाम एक शायर की लफ्फाजी हे तो आप की बातें केवल चापलोसीऔर तुष्टिकरण के सिवा कुछ नहीं ,अल्लामा इक़बाल ने राम को इमाम ए हिंद कहा हे तो आज बहुत से तताकथित राम भक्त राम को आदर्श बतलाते हैं ,लेकिन इन में से कोई यह नहीं बतलाता की राम आदर्श केसे हें ? उनकी कोनसी बात को आज यह लोग आदर्श बना सकते हें? क्या यह लोग बता सकते हें की राम राज्य में जो वर्ण व्यवस्था थी और एक शूद्र को धर्म कार्य करने की भी अनुमति नहीं थी ,क्या यह व्यवस्था आज के समय में आदर्श हो सकती हे ? या राम ने अपनी पत्नी की अग्नि परीक्षा लेने के बाद भी उसे घर से निकाल दिया था ,यह बात आदर्श हो सकती हे ? यह वह शिकार खेलते और हर्द्याविनोद की खातिर भी हिरन आदि को मारते फिरते थे यह बात आदर्श हो सकती हे ?या जब शूर्पनखा उनके पास शादी का प्रस्ताव लेकर आई और उन्हों ने झूट बोलते हुए कहा कि मेरे छोटे भाई की शादी नहीं हुई हे तुम उन से शादी का प्रस्ताव रखो ,जब कि उनके इस छोटे भाई कि शादी भी राम के विवाह के साथ ही हो गई थी , तो क्या यह झूट आदर्श हो सकता हे ? या उस भाई को एक मामूली बात पर घर से निकाल देना आदर्श हो सकता हे जिसने जीवन भर अपना सुख त्याग कर राम की सेवा की ,,,,,,,,सोचो आखिर कब सोचोगे ,,,
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